June 15, 2021

नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) – जीवन परिचय

नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) - जीवन परिचय

नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela)

प्रारम्भिक जीवन

नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) का जन्म दक्षिण अफ्रीका (ईस्टर्न केप ऑफ साऊथ अफ्रीका) में त्रास्कई में मबाशे नदी के किनारे एक छोटे से गांव मवेजो में 18 जुलाई, 1918 को हुआ था। नेल्सन मंडेला मदीबा कबीले से थे और दक्षिण अफ्रीका में उन्हें अक्सर उनके कबीले के नाम से यानी ‘मदीबा’ कहकर बुलाया जाता था। नेल्सन मंडेला के कबीले में उनका नाम रोलिहलाहला दालिभंगा रखा था लेकिन उनके स्कूल के एक शिक्षक ने उनका अंग्रेजी नाम नेल्सन रखा। नेल्सन मंडेला का बचपन थेंबू कबीले के मुखिया जोगिनताबा दलिनदयाबो की देखरेख में बीता।

राजनीतिक जीवन – 

➢ नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) वर्ष 1943 में अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस में शामिल हुए। बाद में वह युवा शाखा के संस्थापक और अध्यक्ष बने। वर्ष 1960 में अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया गया और नेल्सन मंडेला भूमिगत हो गए।

➢ रंगभेद के खिलाफ लड़ाई के दौरान 1960 में 69 अश्वेत लोगों की हत्या की घटना ने उन्हें झकझोर दिया। इस घटना को ‘शार्पविले हत्याकांड’ के नाम से जाना जाता है।

➢ वर्ष 1962 में सरकार के तख्ता पलटने के आरोप में नेल्सन मंडेला को गिरफ्तार कर लिया गया और वर्ष 1964 में उन्हें रिवोनिया की अदालत में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

➢ नेल्सन मंडेला रोबेन द्वीप पर 18 साल कैद रहे और 1982 में उन्हें यहां से पोल्समूर जेल में स्थानांतरित किया गया।

➢ दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति एफ. डब्ल्यू. डी. क्लार्क ने वर्ष 1990 में अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया और नेल्सन मंडेला को जेल से रिहा कर दिया।

➢ वर्ष 1992 में उनका अपनी दूसरी पत्नी के साथ तलाक हो गया था, जब विनी मंडेला पर अपहरण और हमले का आरोप लगा। अपनी 80 वीं सालगिरह पर उन्होंने मोजांबिक के पूर्व राष्ट्रपति की विधवा ग्राका माशेल से शादी कर ली।

➢ नेल्सन मंडेला ने वर्ष 1999 में अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के नेता के पद को छोड़ दिया। नेल्सन मंडेला ने वर्ष 2004 में सार्वजनिक जीवन से सन्यास ले लिया।

➢ नेल्सन मंडेला ने एचआईवी और एड्स के खिलाफ मुहिम छेड़ी और दक्षिण अफ्रीका के लिए 2010 के फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी हासिल करने में भी योगदान दिया।

➢ नेल्सन मंडेला 10 मई, 1994 से 14 जून, 1999 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रहे। नेल्सन मंडेला वर्ष 1991-97 तक अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। उन्होंने अश्वेतों को उनका अधिकार दिलवाने हेतु वर्ष 1991 में ‘कनर्वेशन फॉर ए डेमोक्रेटिक साउथ अफ्रीका (कोडसा) का गठन किया, जो देश के संविधान में आवश्यक परिवर्तन करने वाली थी।

नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) को मिले पुरस्कार

➢ वर्ष 1993 में नेल्सन मंडेला और एफ. डब्ल्यू. डी. क्लार्क को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया।

➢ वर्ष 1990 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

➢ उन्हें महात्मा गांधी शांति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था ।

➢ अपनी 89वीं सालगिरह पर उन्होंने ‘एल्डर्स’ नामक संस्था का गठन किया। जिसमें बड़ी और जटिल समस्याओं को सुलझाने और सुझाव देने के लिए दुनिया के बड़े – बड़े नेता शामिल हुए।

➢ नेल्सन मंडेला को ‘ह्यूमैनिटेरिअन अचीवमेंट पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

➢ नेल्सन मंडेला को प्रथम ‘महाथीर शांति पुरस्कार लाइफटाइम कैंपेनर फॉर पीस एण्ड फ्रीडम’ पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।

नेल्सन मंडेला की प्रमुख रचनाएँ (किताबें)

✒ लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम (1994)

✒ नो इजी वॉक टू फ्रीडम (1965)

✒ सेलेक्टेड स्पीचेज एण्ड राइटिंग ऑफ़ नेल्सन मेडला (2010)

✒ द स्ट्रगल इज माई लाइफ (1978)

✒ नेल्सन मण्डेला ए बायोग्राफी

✒ In His Own Words (2003)

✒ Conversations With Myself (2010)

✒ The Prison Letters of Nelson Mandela (2018)

✒ Dare Not Linger: The Presidential Years (2017)

मृत्यु (Death)

दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति और रंगभेद से संघर्ष के प्रतीक नेल्सन मंडेला का फेफड़ों के संक्रमण से ग्रस्त होने के कारण जोहान्सबर्ग में 5 दिसंबर, 2013 को निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेदी सरकार की जगह एक लोकतांत्रिक बहुनस्लीय सरकार बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया और इसके लिए वह 27 वर्ष तक जेल में रहे।

देश के पहले काले राष्ट्रपति का पद संभालते हुए उन्होंने कई अन्य संघर्षों में भी शांति बहाल करवाने में अग्रणी भूमिका निभाई। संयुक्त राष्ट्र ने मंडेला के जन्मदिन 18 जुलाई को ‘अंतर्राष्ट्रीय मंडेला दिवस’ के रूप में मनाने की मान्यता प्रदान की है।

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