June 14, 2021

फ्रांस की राज्यक्रांति । French Revolution

French Revolution

यहाँ पर हमने फ्रांस की राज्यक्रांति (French Revolution) से संबंधित परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य तैयार किये है। इसमें फ्रांस की राज्यक्रांति (French Revolution) कब हुई और इसके क्या कारण रहे एवं यह क्रांति किसके शासनकाल में हुई आदि परीक्षा उपयोगी तथ्य दिए गए है। यदि आपको पोस्ट अच्छी लगे तो दोस्तों और सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करे। धन्यवाद दोस्तों !

French Revolution (फ्रांस की राज्यक्रांति) के महत्वपूर्ण तथ्य

➢ French Revolution (फ्रांस की राज्यक्रांति) 1789 ई. में लुई सोलहवाँ के शासनकाल में हुई। इस समय फ्रांस में सामन्ती व्यवस्था थी।

➢ 14 जुलाई, 1789 ई. को क्रांतिकारियों ने बास्तील के कारागृह के फाटक को तोड़कर बंदियों को मुक्त कर दिया। तब से 14 जुलाई को फ्रांस में ‘राष्ट्रीय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

➢ समानता, स्वतंत्रता और बन्धुत्व का नारा फ्रांस की राज्यक्रांति की देन है।

➢ “मैं ही राज्य हूँ और मेरे शब्द ही कानून हैं।” यह कथन है — लुई चौदहवाँ का।

➢ वर्साय के शीशमहल का निर्माण लुई चौदहवाँ ने करवाया था।

➢ वर्साय को फ्रांस की राजधानी लुई चौदहवाँ ने बनाया था।

➢ लुई सोलहवाँ 1774 ई. में फ्रांस की गद्दी पर बैठा।

➢ लुई सोलहवाँ की पत्नी मेरी एंत्वानेत आस्ट्रिया की राजकुमारी थी।

➢ राष्ट्र की समाधि वर्साय का भड़कीला राजदरबार था।

➢ लुई सोलहवाँ को देशद्रोह के अपराध में फाँसी दी गई।

टैले एक प्रकार का भूमि – कर था।

➢ फ्रांसीसी क्रांति में वाल्टेयर, माँटेस्क्यू एवं रूसो ने सर्वाधिक योगदान किया।

➢ वाल्टेयर चर्च का विरोधी था।

रूसो फ्रांस में प्रजातंत्रात्मक शासन – पद्धति का समर्थक था।

➢ “सौ चूहों की अपेक्षा एक सिंह का शासन उत्तम है” यह उक्ति वाल्टेयर की है।

सोशल कांट्रैक्ट रूसो की एवं लेटर्स ऑन इंगलिश वाल्टेयर की रचना है।

➢ ‘कानून की आत्मा’ की रचना माँटेस्क्यू ने की थी।

➢ स्टेट्स जनरल के अधिवेशन की शुरुआत 5 मई, 1789 ई. में हुई थी।

➢ माप तौल की दशमलव प्रणाली फ्रांस की देन है।

➢ सांस्कृतिक राष्ट्रीयता का जनक हर्डर को कहा जाता है।

➢ नेपोलियन का जन्म 15 अगस्त, 1769 ई. को कोर्सिका द्वीप की राजधानी अजासियो में हुआ था।

➢ नेपोलियन के पिता का नाम कार्लो बोनापार्ट था।

➢ नेपोलियन ने ब्रिटेन के सैनिक अकादमी में शिक्षा प्राप्त की।

➢ 1796 ई. में नेपोलियन ने इटली में आस्ट्रिया के प्रमुख को समाप्त किया।

➢ फ्रांस में डायरेक्टरी के शासन का अन्त 1799 ई. में हुआ।

➢ नेपोलियन 1799 ई. में प्रथम कॉन्सल बना और 1802 ई. में जीवनभर के लिए कॉन्सल बना।

➢ 1804 ई. में नेपोलियन फ्रांस का सम्राट् बना।

➢ आधुनिक फ्रांस का निर्माता नेपोलियन को माना जाता है।

➢ नेपोलियन ने ही सर्वप्रथम इंग्लैंड को ‘बनियों का देश‘ कहा था।

➢ नेपोलियन ने पत्नी जोजेफाइन को तलाक देकर आस्ट्रिया की राजकुमारी मोरिया लुइसा से शादी की।

ट्राल्फगर का युद्ध 21 अक्टूबर, 1805 ई. में इंग्लैंड एवं नेपोलियन के बीच हुआ।

➢ नेपोलियन ने बैंक ऑफ फ्रांस की स्थापना 1800 ई. में की।

➢ नेपोलियन ने कानूनों का संग्रह तैयार करवाया, जिसे नेपोलियन का कोड कहा जाता है।

➢ नेपोलियन को नील नदी के युद्ध में अंग्रेजी जहाजी बेड़े के नायक नेल्सन के हाथों बुरी तरह पराजित होना पड़ा।

➢ यूरोप के राष्ट्रों ने मिलकर 1813 ई. में नेपोलियन को लिपजिग नामक स्थान पर हरा दिया और उसे बन्दी बनाकर एल्बा के टापू पर भेज दिया गया, परन्तु वह एल्बा से भाग निकला और पुनः फ्रांस का सम्राट् बना।

➢ अन्ततः मित्रराष्ट्रों की सेना ने नेपोलियन को 18 जून, 1815 ई. को वाटरलू के युद्ध में पराजित कर बन्दी बना लिया और उसे सेंट हेलेना द्वीप पर भेज दिया। वहाँ 1821 ई. में उसकी मृत्यु हो गयी।

➢ नेपोलियन लिट्ल कारपोरल के नाम से जाना जाता है।

➢ नेपोलियन के पतन का कारण था, उसका रूस पर आक्रमण करना।

➢ इंग्लैंड के वाणिज्य एवं व्यापार का बहिष्कार करने के लिए नेपोलियन ने महाद्वीपीय व्यवस्था का सूत्रपात किया था।

➢ विएना काँग्रेस समझौता के तहत यूरोप के राष्ट्रों ने 1815 ई. में फ्रांस के प्रभुत्व को समाप्त किया।

यह भी पढ़ें:-

राष्ट्रीय आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाएं

भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध

(आप हमें Facebook, Twitter, Instagram और Pinterest पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!