मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख पदाधिकारी

Chief Officer of MP Government

यहाँ पर हमने मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख पदाधिकारी (Chief Officer of Madhya Pradesh Government) की सूची तैयार की है। इस सूची से म.प्र. की किसी न किसी एग्जाम में हर बार प्रश्न पूछें जाते है। वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन में कौन, क्या है ? इस सूची के माध्यम से याद कर आप अपने दोस्तों में भी शेयर करे ताकि इस टॉपिक के अंतर्गत आने वाले प्रश्न आप सरलता पूर्वक हल कर सके। यदि प्रश्नों में कुछ त्रुटि नजर आये तो आप हमें कमेंट के माध्यम से अवगत कराये ताकि हम उस त्रुटि को वेबसाइट पर सही कर सके।धन्यवाद !

गुजरात के बीजेपी नेता छगनभाई मंगूभाई पटेल को मध्य प्रदेश का नया राज्यपाल बनाया गया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास एमपी के राज्यपाल पद का अतिरिक्त प्रभार था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटेल को राज्यपाल बनाए जाने पर उन्हें बधाई दी।

मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख पदाधिकारी (Chief Officer of Madhya Pradesh Government)

पदनाम (पदाधिकारी)
राज्यपालछगनभाई मंगूभाई पटेल
मुख्यमंत्रीश्री शिवराज सिंह चौहान
नेता प्रतिपक्ष (विपक्ष के नेता)श्री कमलनाथ
म.प्र. राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्तश्री बसंत प्रताप सिंह
म.प्र. लोक सेवा आयोग के अध्यक्षश्री भास्कर चौबे
म.प्र. राज्य के लोकायुक्तजस्टिस नरेश गुप्ता
म.प्र. राज्य सूचना आयुक्तअरुण कुमार पाण्डेय
मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (D.G.P)श्री विवेक जौहरी
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्षश्री जगदीश देवड़ा (एक्टिंग)
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिवश्री सुधि रंजन मोहन्ती
म.प्र. राज्य महिला आयोग की अध्यक्षश्रीमती शोभा ओझा
म.प्र. राज्य नीति एवं योजना आयोग के अध्यक्षश्री शिवराज सिंह चौहान
म.प्र. मानव अधिकार आयोग के अध्यक्षन्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन
मध्य प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्षडॉ. राघवेन्द्र शर्मा
मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल)श्री पुरुषेंद्र कौरव
List Update on : 09 July 2021

✍ प्रदेश सरकार ने राज्य योजना आयोग का नाम बदलकर राज्य नीति एवं योजना आयोग कर दिया है। आयोग का नाम बदलने के साथ ही इसके कार्यक्षेत्र में विस्तार भी किया गया है। राज्य नीति एवं योजना आयोग का काम प्रदेश के सभी विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी हुई योजनाओं के लिए दीर्घकालीन एक्शन प्लान तैयार करने के साथ ही सभी विभागों की प्रचलित नीतियों की समीक्षा करके उनमें बदलाव एवं सुधार के लिए प्रदेश सरकार को सुझाव देना भी होगा। 

✍ प्रदेश में 24 अक्टूबर 1972 को राज्य योजना बोर्ड का गठन किया गया था। 21 सितंबर 2007 को मध्यप्रदेश सरकार ने इसे आयोग का दर्जा देते हुए राज्य योजना आयोग बना दिया।

आयोग का स्वरूप – राज्य नीति एवं योजना आयोग में मुख्यमंत्री अध्यक्ष होंगे वहीं तीन उपाध्यक्ष होंगे। इसमें दो विभागों- वित्त एवं योजना आर्थिक सांख्यिकी के मंत्रियों को भी उपाध्यक्ष के रूप में शामिल किया जाएगा वहीं एक उपाध्यक्ष सरकार अलग से मनोनीत करेगी। आयोग में कुल 6 सदस्य होंगे जिसमें से 3 पदों पर प्रदेश के मुख्यसचिव, प्रमुख सचिव वित्त एवं प्रमख सचिव योजना आर्थिक सांख्यिकी की नियुक्ति की जाएगी तो 3 पद मुख्यमंत्री द्वारा नामांकित किए जाएंगे। राजय योजना आयोग में एक उपाध्यक्ष एवं 11 सदस्य होते थे।

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