हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि एवं उनकी रचनाएँ

Hindi Poets and Their Poems

हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि एवं उनकी रचनाएँ से संबंधित प्रश्न अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछें जाते है इसलिए हमने हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि/लेखक और उनकी रचनाओं (Famous Hindi Poets and Their Poems) की सूची तैयार की है यदि आप विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे:एसएससी, आईपीएस, पुलिस सब-इंस्पेक्टर, बैंक पी.ओ, सी.डी.एस, संविदा शिक्षक, पी.एस.सी, रेलवे, व्यापमं तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही मददगार साबित होगा।

List of Famous Hindi Poets and Their Poems

संत कबीर दास

प्रमुख रचना – बीजक (बीजक के तीन भाग है) 1. साखी 2. सबद 3. रमैनी

➢ हजारीप्रसाद द्विवेदी ने कबीरदास जी को ‘भाषा का डिक्टेटर‘ कहा है।

सूरदास

➢ महाकवि सूरदास ने ब्रजभाषा में लगभग सवा लाख पदों की रचना की थी, किन्तु उनकी तीन रचनाएँ ही उपलब्ध है। सूरदास की रचनाओं में शृंगार और वात्सल्य का अदभुत वर्णन है।

प्रमुख रचनाएँ– 1. सूरसागर 2. सूर-सारावली 3. साहित्य लहरी

तुलसीदास

➢ तुलसीदास जी द्वारा रचित बारह ग्रन्थ प्रामाणिक माने जाते है, जिनमें ‘रामचरित मानस’ प्रमुख है।

प्रमुख रचनाएँविनय पत्रिका, कवितावली, गीतावली, दोहावली, जानकी मंगल, रामलला नहछू

काव्यमानस (अवधी में), कृष्ण काव्य (ब्रजभाषा में)

मीराबाई

नरसीजी का मायरा, राग गोविन्द, गीत गोविन्द का टीका, राग सोरठा के पद

रहीम

➢ ये अकबर के प्रधान सेनापति, मंत्री तथा दरबार के नवरत्नों में से थे।

➢ अकबर ने इन्हें ‘खानखाना‘ उपाधि से विभूषित किया था।

प्रमुख रचनाएँ– ‘रहीम सतसई‘, मदनाष्टक, बरवै-नायिका

बिहारी

➢ ये मुख्य रूप से श्रृंगार रस के कवि माने जाते है। इनकी एकमात्र रचना ‘बिहारी सतसई‘ है।

मैथिलीशरण गुप्त

➢ इन्हें राष्ट्र कवि का सम्मान प्रदान किया गया है।

➢ ये आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी को अपना काव्य गुरु मानते है।

➢ ये 12 वर्ष तक भारतीय संसद के मनोनीत सदस्य भी रह चुके है।

रचनायेंसाकेत (महाकाव्य), यशोधरा, भारत-भारती, जयद्रध-वध, द्वापर, पंचवटी आदि।

जयशंकर प्रसाद

प्रमुख रचनाएँकामायनी, आंसू, झरना, लहर, चन्द्रगुप्त, स्कंदगुप्त, अजातशत्रु, तितली, कानन-कुसुम, प्रेम पथिक आदि।

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

प्रमुख रचनाएँतुलसीदास, अनामिका, परिमल, गीतिका, कुकुरमुत्ता, नए पत्ते आदि।

सुमित्रानंदन पंत

➢ सुमित्रानंदन पंत जी को प्रकृति का सुकुमार कवि कहा जाता है।

➢ पंत जी पदम् भूषण की उपाधि से सम्मानित है तथा इन्हें चिदंबरा के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

प्रमुख रचनाएँवीणा, पल्लव, ग्रंथि, गुंजन, युगांत, युगवाणी आदि।

महादेवी वर्मा

➢ कुछ वर्षो तक उत्तरप्रदेश विधान परिषद की मनोनीत सदस्या रही ।

➢ राष्ट्रपति द्वारा ‘पदम् भूषण’ की उपाधि से अलंकृत है ।

➢ महादेवी वर्मा जी को आधुनिक मीरा कहा जाता है ।

➢ गीतात्मक काव्यकृति ‘यामा‘ पर भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार इंग्लैंड की प्रधानमन्त्री द्वारा प्रदान कर सम्मानित किया गया ।

प्रमुख रचनाएँयामा, नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत, दीपशिखा आदि।

गद्य रचनाएंक्षमता, अतीत के चलचित्र, पथ के साथी, स्मृति की रेखाएं, मेरा परिवार आदि।

माखनलाल चतुर्वेदी

➢ माखनलाल चतुर्वेदी पदम भूषण की उपाधि से अलंकृत है।

➢ ‘हिमतरंगिनी‘ साहित्य अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत रचना है।

➢ राष्ट्रीय कविताओं के कारण इन्हें ‘भारतीय आत्मा‘ के नाम से पुकारा जाता है।

प्रमुख रचनाएँहिमकिरीटनी, माता, युग, चरण, समर्पण, वेणु लो गूंजे आदि।

रामधारी सिंह दिनकर

➢ रामधारी सिंह दिनकर भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार द्वारा तथा भारत सरकार द्वारा पदम भूषण की उपाधि से अलंकृत।

सन 1952 ई. में भारतीय संसद में राज्यसभा के सदस्य बने।

प्रमुख रचनाएँकुरुक्षेत्र, रेणुका, हुंकार, उर्वशी, रसवंती, रश्मिरथी, अर्धनारीश्वर, रेती के फूल, संस्कृति के चार अध्याय, भारतीय संस्कृति की एकता आदि।

सोहनलाल द्विवेदी

प्रमुख रचनाएँभैरवी, पूजागीत, युगाधार, बसंती, दूध-बताशा, झरना, कुणाल (खंडकाव्य), वासवदत्ता (प्रबंधकाव्य) आदि।

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